QR कोड स्कैम: स्कैन करने से पहले 4 नियम
QR कोड से किसी को पैसे दिए जाते हैं। पैसे पाने के लिए न QR स्कैन करना होता है, न UPI PIN डालना। अगर कोई आपसे ऐसा करने को कहे, तो मान लीजिए यह ठगी है। इस पेज पर हैं चार नियम, एक मिनट की क्विज़, और बैंक काउंटर पर रखने लायक एक कार्ड।
4 नियम
सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए स्कैन करें
जब आप खुद किसी को पैसे दे रहे हों, तभी QR स्कैन करें। कोई कहे “पैसे पाने के लिए स्कैन करो”, तो मना कर दें।
UPI PIN सिर्फ़ जाने वाले पैसे के लिए
आपको पैसे भेजने के लिए किसी को आपका PIN नहीं चाहिए। पैसे आने के लिए कोई PIN माँगे, तो रुक जाएँ।
पुष्टि से पहले नाम देखें
आपके UPI ऐप में जो नाम दिख रहा है, क्या वह उसी व्यक्ति या दुकान का है? न मिले तो रद्द करें।
कुछ और माँगे, तो पेज बंद करें
QR स्कैन के बाद OTP, कार्ड नंबर, CVV, ऐप डाउनलोड या स्क्रीन शेयर माँगे, तो पेज बंद करें। बैंक ये नहीं माँगते।
भेजना बनाम पाना, आमने-सामने
दोनों ही हालात में QR एक जैसा दिखता है। असल सवाल यह है कि पैसा किस तरफ़ जा रहा है।
आप किसी को पैसे दे रहे हैं
- दुकान का QR कोड स्कैन करें
- अपने UPI ऐप में नाम मिलाएँ
- रकम डालें, फिर UPI PIN से पुष्टि करें
- पैसे आपके खाते से निकल गए, जैसा आप चाहते थे
कोई कहे “पैसे पाने के लिए स्कैन करें”
- QR स्कैन करें या रिक्वेस्ट मंज़ूर करें
- UPI PIN या OTP माँगा गया
- रुकें। पैसे पाने में कभी PIN नहीं लगता
एक काल्पनिक उदाहरण, असली चेतावनी पर आधारित
1 मिनट की क्विज़
पाँच सवाल, लगभग एक मिनट। हर सवाल का एक जवाब चुनें, फिर “जवाब जाँचें” दबाएँ।
पैसे देने के बाद क्या करें
गलती से PIN डाल दिया, तो इसी क्रम में जल्दी करें:
- अभी 1930 पर फ़ोन करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है। लेन-देन आईडी, समय और रकम तैयार रखें।
- तुरंत बैंक को बताएँ। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या कार्ड के पीछे के नंबर पर फ़ोन करके शिकायत संख्या लें।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, और मिली पावती संख्या (acknowledgement number) लिख लें।
फ़ोन और खाते के अगले कदमों समेत पूरी सूची के लिए पहले 24 घंटे की गाइड पढ़ें।
बैंक कर्मचारियों के लिए: काउंटर पर 5 मिनट की ब्रीफ़िंग
सुबह की बैठक या काउंटर पर इस पेज का इस्तेमाल करें। नीचे का कार्ड प्रिंट करके ग्राहकों की नज़र में आने वाली जगह पर रखें।
- चारों नियम ग्राहक की भाषा में ज़ुबानी बताएँ। कई ग्राहक नहीं जानते कि पैसे पाने में PIN नहीं लगता।
- किसी भी हाल में ग्राहक से OTP, PIN, CVV या पासवर्ड न माँगें, “सत्यापन” के बहाने भी नहीं। RBI की सलाह भी यही है।
- कोई बताए कि QR स्कैन करके पैसे गए, तो तुरंत लेन-देन आईडी (UTR), रकम और समय लिख लें।
- ग्राहक से तुरंत 1930 पर फ़ोन करवाएँ, और अपने बैंक की शिकायत संख्या पर्ची पर लिखकर दें।
- “दोबारा भुगतान करके वापस लाइए” न कहें। यही दूसरी ठगी है।
- कोई संदिग्ध QR स्टिकर दिखे, तो ब्रांच की फ़्रॉड या सिक्योरिटी टीम को बताएँ।
QR सुरक्षा: 4 नियम
- सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए स्कैन करें जब आप खुद किसी को पैसे दे रहे हों, तभी QR स्कैन करें। कोई कहे “पैसे पाने के लिए स्कैन करो”, तो मना कर दें।
- UPI PIN सिर्फ़ जाने वाले पैसे के लिए आपको पैसे भेजने के लिए किसी को आपका PIN नहीं चाहिए। पैसे आने के लिए कोई PIN माँगे, तो रुक जाएँ।
- पुष्टि से पहले नाम देखें आपके UPI ऐप में जो नाम दिख रहा है, क्या वह उसी व्यक्ति या दुकान का है? न मिले तो रद्द करें।
- कुछ और माँगे, तो पेज बंद करें QR स्कैन के बाद OTP, कार्ड नंबर, CVV, ऐप डाउनलोड या स्क्रीन शेयर माँगे, तो पेज बंद करें। बैंक ये नहीं माँगते।
ठगी हो तो अभी 1930 पर फ़ोन करें, फिर बैंक को बताएँ। शिकायत: cybercrime.gov.in
सवाल-जवाब
क्या QR स्कैन करते ही खाते से पैसे कट जाते हैं?
भुगतान वाला QR सिर्फ़ आपके अपने UPI ऐप में भुगतान की स्क्रीन खोलता है। वहाँ पुष्टि करने पर ही पैसे जाते हैं। लेकिन जो QR कोई वेबसाइट खोलता है, उसका जोखिम अलग है: वह पेज जानकारी माँग सकता है या ऐप इंस्टॉल करवा सकता है।
दुकान के QR पर किसी और का स्टिकर दिखे तो क्या करें?
उस QR से भुगतान न करें। दुकानदार को बताएँ और दुकान का छपा हुआ असली कोड माँगें। भुगतान पहले ही हो गया हो, तो ऊपर “पैसे देने के बाद क्या करें” वाले कदम उठाएँ।
क्या क्विज़ से कोई सर्टिफ़िकेट मिलता है?
नहीं। यह सिर्फ़ अभ्यास के लिए है। जवाब कहीं भेजे नहीं जाते और कुछ सेव भी नहीं होता।
जानकारी के स्रोत
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। इसमें दी गई बातें इन सार्वजनिक स्रोतों से ली गई हैं:
- RBI प्रेस रिलीज़ 2021-2022/1630, “Safe digital banking practices”: बताती है कि पैसे पाने के लिए QR स्कैन या PIN की ज़रूरत नहीं होती। “Enter your UPI PIN” कहकर पैसे पाने की फ़र्ज़ी कलेक्ट रिक्वेस्ट से सावधान करती है, और UPI PIN व OTP किसी को न देने की सलाह देती है, बैंक अधिकारी को भी नहीं।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) और 1930 हेल्पलाइन।
- संबंधित गाइड: पहले 24 घंटे की गाइड और UPI स्कैमर चेकर।
नियम, सीमाएँ और फ़ोन नंबर बदलते हैं। कोई कदम उठाने से पहले cybercrime.gov.in, rbi.org.in या अपने बैंक से मौजूदा जानकारी जाँच लें।